tag:blogger.com,1999:blog-26205632.post-1151490600241591252006-06-28T06:30:00.000-04:002006-06-28T06:30:00.000-04:00अच्छा तो आप हैं भारत भूषण तिवारी जिन्होंने हमसे हर...अच्छा तो आप हैं भारत भूषण तिवारी जिन्होंने हमसे हरिशंकर परसाई का लेख टाइप करवाया था। 'अबे कस्बाई मन' से-लगता है निराला के अनुयाई हैं(अबे सुन बे गुलाब)'अरे ए मेरे तमाशाई मन '-लगता है मुक्तिबोध की कविता( ओ मेरे आदर्शवादी मन!)का विस्तार होगा। बहरहाल,स्वागत है आपका हिंदी ब्लागजगत में! आशा है आप तमाम साथियों की मनुहारों के ख्याल रखते हुये नियमित लेखन जारी रखेंगे।अनूप शुक्लाhttp://www.blogger.com/profile/07001026538357885879noreply@blogger.com