tag:blogger.com,1999:blog-26205632.post-8553476932073395382007-10-12T19:17:00.000-04:002007-10-12T19:52:47.114-04:00मैं फिर फिज़िक्स पढना चाहता हूँ<p>पढे तो थे</p><p>स्कूल में</p><p>ध्वनि से जुडे</p><p>सिद्धांत-नियम</p><p>रिवरबरेशन,रेज़ोनन्स,डोप्लर इफ़ेक्ट</p><p>सिर्फ टर्म्स याद हैं अब तो.</p><p>कुछ प्रयोग</p><p>करना चाहता हूँ</p><p>आजकल.</p><p>रंग देना चाहता हूँ</p><p>मेरे कमरे की दीवारों को</p><p>तुम्हारी आवाज़ से.</p><p>तुम्हारी आवाज़ की</p><p>एक पेंटिंग बनाकर</p><p>लगाना चाहता हूँ</p><p>मेरे टेबल के सामनेवाली</p><p>दीवार पर.</p><p>तुम्हारी आवाज़ से</p><p>लिखना चाहता हूँ</p><p>मेरी एक अभागी बहन</p><p>प्रतिभा के नाम चिटठी</p><p>जिसके किसान पति रामेश्वर ने</p><p>पिछले साल</p><p>कीटनाशक पी लिया था.</p><p>तुम्हारी आवाज़ में</p><p>लगाना चाहता हूँ</p><p>इंकलाबी नारे.</p><p>लिखना चाहता हूँ</p><p>असंतोष की कविताएँ,</p><p>बनाना चाह्ता हूँ</p><p>आंदोलनों के लिए</p><p>पोस्टर-होर्डिँग,</p><p>तुम्हारी आवाज से.</p><p>और कभी फुर्सत में</p><p>सारे शरीर पर लपेटकर</p><p>भभूत</p><p>तुम्हारी आवाज़ की,</p><p>ध्यान-मुद्रा में</p><p>बैठना चाहता हूँ</p><p>किसी ऊँची पहाडी की</p><p>चोटी पर.</p><p>मैं फिर फिज़िक्स पढना चाहता हूँ.</p>भारत भूषण तिवारीhttp://www.blogger.com/profile/12706567132548135848noreply@blogger.com